जंगल की रूठी रानी | Hindi Novels Story

Hindi kahani, novel story, horor kahaniya


अध्याय 1


Hindi kahani, novel story, horor kahaniya


अध्याय 1: जंगल की कहानियाँ kahani

छोटे से गाँव में रहने वाले राहुल और उसकी छोटी बहन पूजा को जंगल की कहानियाँ सुनना बेहद पसन्द था। उनके दादा जी हर रात नई-नई कहानियां सुनाते थे जिससे दोनों भाई-बहन के मन में जंगल के प्रति उत्सुकता पैदा होती थी।


उनके गाँव के जंगल में एक रूठी रानी रहती थी, या ऐसा ही कहानियों में बताया जाता था। कहा सुना जाता था कि बहुत साल पहले इसी जंगल में एक राजकुमारी रहती थी जिसका नाम था- मीरा। वो बहुत ही सुन्दर और क्रूर थी।


एक दिन उसके राज्य में आया एक अन्य राज्य का राजकुमार उससे मिलने आया। दोनों में प्यार हो गया लेकिन मीरा को यह नागवार गुजरा। उसने राजकुमार को जंगल में ले जाकर मार डाला। इस कृत्य से उसका मन तो क्रोधित हुआ लेकिन साथ ही उसे अनंत दुख भी हुआ।


उसका मन इतना दुखी हो गया कि वो मर गई लेकिन उसकी आत्मा जंगल में ही रहने लगी। उसकी भूतनी आत्मा अब भी उस जंगल में भटकती है और जो भी उसके राज के जंगल में आता है, उसे डराती-धमकाती है। इसीलिए उसे 'रूठी रानी' के नाम से जाना जाता है।


राहुल और पूजा इस कहानी को काफी पसंद करते थे। विशेषकर पूजा को रूठी रानी से एक अजीब सी उत्सुकता थी। वो हमेशा सोचती थी कि क्या वो सचमुच में जंगल में भटकती है? उससे क्या होता है अगर कोई मिल जाए?


एक दिन जब दादा जी फिर से रूठी रानी की कहानी सुना रहे थे, तभी पूजा बोली, "मैं जरूर जंगल जाकर रूठी रानी से मिलना चाहती हूँ। क्या आप लोग मुझे जंगल ले जा सकते हो?"


सभी हंसने लगे। राहुल ने कहा, "ऐसा नहीं हो सकता पूजा। रूठी रानी के बारे में तो सच ही कुछ नहीं पता। वो तो सिर्फ कहानी है। जंगल भी बेहद खतरनाक होता है।"


लेकिन पूजा अपनी बात पर अडिग रही। उसके मन में रूठी रानी से मिलने की इच्छा और जंगल की उत्सुकता बढ़ती जा रही थी। इस बातचीत के बाद से ही उसका मन जंगल जाने के लिए तत्पर हो गया था।1


उसी रात जब सभी सो गए, पूजा ने प्लान बनाया। सुबह होते ही जब सभी लोग फिर से काम में मशगूल हुए तो वह गाँव से बाहर निकल गई और जंगल की ओर बढ़ पड़ी।


पूजा को लग रहा था कि जंगल में आकर वह रूठी रानी से जरूर मिल पाएगी। शायद वह उसे डराए भी नहीं। उसके मन में अभी तो एक ही भावना थी- जंगल के रहस्यों को खोजने की ललक।


लेकिन जंगल में प्रवेश करते ही पूजा को समझ आ गया कि यह इतना आसान नहीं है जितना उसने सोचा था। पेड़ इधर-उधर फैले हुए थे, जड़ें रास्ता रोक रही थीं और हर ओर अँधेरा छाया हुआ था।


धीरे-धीरे पूजा को भ्रम भी आने लगा कि वह कहाँ है। वह अपने इर्द-गिर्द देखने लगी परंतु कुछ पहचानने योग्य नहीं मिल रहा था। अब वह अपने फ़ैसले पर पछता रही थी कि क्यों निकली इतनी दूर। डर भी उसे सताने लगा था।


और जब धीरे-धीरे रात होती गई, तो पूजा के डर में और भी इजाफा हो गया। अब वह अकेले घिरे इस अंधेरे जंगल में पूरी तरह घबरा उठी थी। उसकी आँखों में आँसू भर आने लगे थे। वह सोचने लगी कि अब क्या करेगी।


अध्याय 2


Hindi kahani, novel story, horor kahaniya


अध्याय 2: पूजा का गायब होना


रात के अँधेरे में पूजा काफी डरी हुई थी। वह रोते-रोते थक गई और सो गई। सुबह होते ही उसने अपने सपनों में देखा कि राहुल उसे खोज रहा है। वह चिल्ला रही थी - "राहुल भाईया मुझे बचा लो!"


परंतु जब वह जागी तो समझ गई कि ये सिर्फ सपना था। वह अब भी उसी जंगल में अकेली थी। डर से काँपती हुई वह चलने लगी और रास्ता ढूँढने की कोशिश करने लगी।


गाँव में जब राहुल ने देखा कि पूजा नहीं है तो उसे बहुत डर लगा। वह तुरंत दादा-दादी, माँ-बाप और अन्य लोगों को सूचित करने लगा कि पूजा गायब है। सभी उद्धवेशित हो गए।


राहुल ने सबसे पहले जंगल की ओर देखा। उसके मन में डर था कि कहीं पूजा ने जंगल जाकर कोई बड़ी गलती तो नहीं कर डाली होगी। वह तुरंत जंगल की ओर चल दिया।


जंगल में प्रवेश करते ही राहुल को अपनी भूल का एहसास हुआ। यहाँ खोजना बेहद मुश्किल है। परंतु उसे अपनी बहन को बचाना था। वह हर तरफ चिल्लाने लगा- "पूजा! कहाँ हो तुम?"


लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। धीरे-धीरे जंगल अंधेरा होता जा रहा था। राहुल का डर बढ़ता जा रहा था कि रात हो जाए और वह अपनी बहन को ना ढूंढ पाए।


फिर उसे कुछ आवाजें सुनाई दीं। जैसे कोई रो रहा हो। वह ध्वनि की ओर बढ़ा और जंगल की हरी घातियों के बीच से निकल कर एक साफिंग पर पहुँचा।


उसने देखा कि वहाँ पूजा बैठी हुई है और रो रही है। "पूजा!" राहुल ने चीख कर बुलाया और उसके पास दौड़ा। पूजा ने उसे देखा और रोते हुए गले लग गई।1  


राहुल ने अपनी बहन को संभाला और पूछा-क्या हुआ पूजा? तू यहां क्यों आ गई?


पूजा रोती हुई बोली- मुझे रूठी रानी से मिलना था भाई। मगर अब मुझे बहुत डर लग रहा है। मैं यहां से निकलना चाहती हूं।


राहुल ने कहा- अभी हम यहां से निकलेंगे पर रात होने वाली है। मैं तुम्हे कहीं छुपा देता हूं, फिर सुबह होते ही हम वापस लौटेंगे।


वह पास ही एक पेड़ की जड़ों के बीच छिपाकर पूजा को सुरक्षित स्थान पर छोड़ आया। पूजा अभी भी डरी हुई थी मगर राहुल के साथ थोड़ा सहानुभूति महसूस कर रही थी।


राहुल ने कहा- मैं तेरे पास रहूंगा, किसी भी अजीब आवाज या चीज को देखने पर तुरंत चिल्ला देना। मैं आ जाऊंगा।


ऐसा कहकर वह उसके पास बैठ गया। पूजा ने भी अपनी बांहों से सिर ले लिया और थकी हुई आंखों से सो गई।


अध्याय 3


Hindi kahani, novel story, horor kahaniya


अध्याय 3 जंगल में खोज


रात बहुत अंधेरी हो चुकी थी । राहुल भी थकान से अरसे को सो गया था । तभी एक अजीब सी आवाज सुनाई दी । पूजा को अपनी आंखें खोलते ही देखा कि कोई छाया उनके पास से होकर गुजर रही है । 

 

वह डर के मारे चीख उठी- राहुल भाई! राहुल तुरंत जगा और पूजा के पास आया । उसने कहा- क्या हुआ? तूने कुछ देखा? 

 

पूजा डरी हुई बोली-न.नहीं देखा मगर कोई छाया गुजरी । मुझे बहुत डर लग रहा है । 

 

राहुल ने कहा- शायद पेड़ की छाया होगी । अभी सुबह होने दो, हम यहां से निकल जाएंगे । तू सो जा, मैं यहां तेरी रक्षा करूंगा । 

 

पूजा ने जरा राहत की सांस ली लेकिन अभी भी डरे हुए थी । राहुल ने उसके पास बैठकर रात गुजारी । धीरे- धीरे जंगल में अन्य ध्वनियां भी सुनाई देने लगीं । 

 

सुबह होते ही राहुल ने पूजा को जगाया । उसने कहा- अब हम यहां से निकलते हैं । पर रास्ता ढूंढना मुश्किल होगा । 

 

दोनों चले लेकिन हर ओर सरीखे पेड़ और उलझे हुए रास्ते दिखाई दे रहे थे । कुछ देर बाद ही वह भटक गए । पूजा को फिर से डर सताने लगा । 

 

राहुल को भी अपनी गलती का एहसास हो रहा था । वह हर तरफ देखने लगा कि कहीं कोई रास्ता या निशान मिले तो नहीं । पर जंगल उनके पीछे दरवाजा बंद कर चुका था । 1,, 

 

राहुल और पूजा हर तरफ भटकते रहे । पेड़ों की छायाओं ने उन्हें और भटका दिया था । दोपहर हो चुका था लेकिन वे अब तक गाँव की ओर नहीं पहुँच पाए थे । 

 

पूजा अब रोने लगी । वह बोली- भाई हम यहाँ से कभी नहीं निकल पाएंगे । मुझे बहुत भूख लग रही है । 

 

 राहुल को भी भूख लगने लगी थी पर वह दिखाना नहीं चाहता था । उसने कहा- उम्मीद मत हारो पूजा । हम जल्द ही रास्ता ढूंढ लेंगे । 

 

 इधर जंगल में हवाओं ने चलना शुरू कर दिया था । धीरे- धीरे बादल भी जमा होने लगे । ये सब देख राहुल को अंदाजा हो गया कि बारिश होने वाली है । 

 

 वह पूजा से कहने लगा कि हमें कोई छुपने का ठिकाना तलाशना होगा वरना बरसात में बीमार पड़ सकते हैं । तभी दूर किसी पेड़ के नीचे एक गुफा दिखाई दी । 

 

 राहुल ने सोचा यही सही जगह हो सकती है । वह पूजा को उस ओर ले गया । देखा तो यह सही ठिकाना था बचने के लिए बरसात से ।

Post a Comment

Tenkas visit my blogs

Previous Post Next Post

Contact Form