टाइगर गैली (2019) एक भारतीय हिंदी-भाषा की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जिसमें तिलक रामा मेहरा ने निर्देशन किया है और रविंद्र सिंह ने लेखन किया है। फिल्म में विक्रांत सिंह चौहान, आदित्य राय, और स्मिता गोंडके प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह कहानी एक समूह के स्ट्रीट फुटबॉल खिलाड़ियों की है, जो एक अंडर-18 फुटबॉल टूर्नामेंट जीतने का सपना देखते हैं। फिल्म की कहानी हरियाणा के पनियापत में है, जहां के गरीब बच्चे "टाइगर गैली" में फुटबॉल खेलने के लिए उत्सुक हैं।
रोहित (विक्रांत सिंह चौहान) इस समूह का नेतृत्व करता है, जिनके पास कम संसाधनों के बावजूद जुनून और प्रतिभा है। इन बच्चों को पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी मनु (आदित्य राय) का मार्गदर्शन मिलता है, जो उन्हें अपने अतीत की गलतियों से सिखाते हैं और उनकी कोचिंग करते हैं। मनु के मार्गदर्शन में, टाइगर गैली की टीम एक स्थानीय अंडर-18 फुटबॉल टूर्नामेंट में भाग लेने का निर्णय लेती है। इस टूर्नामेंट के दौरान, वे धनी टीमों के साथ मुकाबला करते हैं,
लेकिन अपनी प्रतिभा, जुनून, और टीम भावना से उन्हें हर मुश्किल का सामना करना पड़ता है। रास्ते में, उन्हें विभिन्न संघर्षों का सामना करना पड़ता है, जैसे कि चोटें और वित्तीय संकट। साथ ही, रोहित का सामना एक अमीर लड़के से होता है, जो उसे ईर्ष्या करता है और उसके टूर्नामेंट से बाहर करने का प्रयास करता है। "टाइगर गैली" (2019) एक प्रेरणादायक फिल्म है, जो दर्शकों को यह विश्वास दिलाती है कि कड़ी मेहनत और जुनून से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। इसके साथ ही, यह फिल्म भारत में खेलों के लिए निरंतर समर्थन की आवश्यकता पर विचार करने को भी प्रेरित करती है।
